
मै प्रयागराज का वासी हूँ जहा की विश्व प्रशिध त्रिवेणी संसार को प्रेम
एकता सदभाव का संदेश देती है / कविता मेरा कर्म है / रास्ट्र के प्रति
समर्पण मेरा धर्मं है मै विश्व के कल्याण हेतु ईश्वर से कामना करता हूँ
बेशरम
